What is Diploma With Full Information in Hindi?

हम सभी अच्छी एजुकेशन लेना चाहते हैं, अच्छे से अच्छे, बड़े से बड़े स्कूल-कॉलेज और यूनिवर्सिटी का हिस्सा बनना चाहते हैं ताकि हमारी एजुकेशन का लेवल हाई हो, हमें बढ़िया से बढ़िया जॉब ऑप्शन मिले और हो सके तो हम खुद का एक बढ़िया बिजनेस शुरू करने के लायक बन जाये। इसके लिए हम बहुत सोचते हैं, बहुत सारे नए-नए कोर्सेज के बारे में जानते हैं और बहुत से सब्जेक्ट्स और कोर्सेज को कम्पेयर भी करते हैं ताकि हम वो चूस कर सके जो हमारे लिए परफेक्ट ऑप्शन साबित हो, ऐसा ऑप्शन जो हमें प्रोग्रेस दिलाये, सक्सेस दिलाये लेकिन अगर आप अभी भी किसी सब्जेक्ट में डिग्री लेने तक की जानकारी ही रखते हैं तो आपको डिप्लोमा के बारे में भी जरूर जानना चाहिए क्योंकि किसी सब्जेक्ट में डिप्लोमा करने से भी आप बहुत जल्द अच्छे जॉब ऑप्शंस पा सकते हैं। ऐसे में आज क्विक सपोर्ट आपके लिए इस पोस्ट में लेकर आया है डिप्लोमा से जुड़ी सारी जानकारी, जिसे जानने के बाद आप समझ जाएंगे कि डिप्लोमा क्या है, डिप्लोमा क्यों करें, कब करें और डिग्री और डिप्लोमा में क्या फर्क है।

तो चलिए शुरू करते हैं और आपको बताते हैं डिप्लोमा के बारे में –

डिप्लोमा किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी द्वारा दिया गया ऐसा सर्टिफिकेट होता है, जो बताता है कि डिप्लोमा होल्डर ने इस सब्जेक्ट में पढ़ाई पूरी कर ली है। डिप्लोमा किसी भी सब्जेक्ट में लिया जा सकता है और इसके लिए सब्जेक्ट चुनने का विकल्प भी वैसा ही होता है जैसे डिग्री के लिए सब्जेक्ट चुनने का होता है यानी जिस कॉलेज-यूनिवर्सिटी से आप डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं, उसके प्रॉस्पेक्टस को देखकर आप अपना सब्जेक्ट चुन सकते हैं।आप चाहे तो कंप्यूटर ऑपरेटर का डिप्लोमा कर सकते हैं या इलेक्ट्रिकल में डिप्लोमा कर सकते हैं। किस सब्जेक्ट में डिप्लोमा करना आपके लिए फायदेमंद होगा,ये चूस करने के बाद आप उस सब्जेक्ट में आसानी से डिप्लोमा कर सकते हैं। डिप्लोमा करते समय आपको अपने इंटरेस्ट का ध्यान जरूर रखना चाहिए यानी जिस फील्ड में आप अपना करियर बनाना चाहते हैं,उसे ध्यान में रखते हुए ही डिप्लोमा का सब्जेक्ट चुनें।

डिप्लोमा क्या होता है ये जानने के बाद, आइये अब जानते हैं कि डिग्री और डिप्लोमा में क्या अंतर होता है ?

किसी सब्जेक्ट में मास्टर डिग्री, एम.फिल या पीएचडी करने के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री कम्पलसरी होती है यानी अगर आप हाई एजुकेशन लेना चाहते हैं तो आपके पास डिग्री होना जरुरी है। डिग्री कोर्स में हर सब्जेक्ट की डीप स्टडी कराई जाती है ताकि स्टूडेंट उस सब्जेक्ट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी ले सकें और उस सब्जेक्ट का एक्सपर्ट बन सके इसलिए डिग्री कोर्स पूरा करने में समय भी ज्यादा लगता है यानी 2 से 4 साल तक का टाइम।

जहाँ तक डिप्लोमा की बात है तो डिप्लोमा कोर्स में किसी स्पेशल सब्जेक्ट के बारे में पढ़ाया जाता है। इसकी duration कम होती है और इस दौरान किसी बिज़नेस या प्रोफेशन के बारे में जानकारी दी जाती है। इसमें कुछ दिन जॉब वर्क या इंटर्नशिप भी कराई जा सकती है। ये सब्जेक्ट पर डिपेंड करता है। कुछ डिप्लोमा कोर्सेज 6 महीने में पूरे हो जाते हैं जबकि कई डिप्लोमा कोर्स 1 या 2 साल के होते हैं। डिप्लोमा कर लेने के बाद आप रिलेटेड सब्जेक्ट में जॉब के लिए आसानी से अप्लाई कर सकते हैं।

डिप्लोमा कोर्सेज की खासियत ये है कि आप 8th क्लास के बाद भी डिप्लोमा कर सकते हैं और हाई एजुकेशन के बाद भी डिप्लोमा किया जा सकता है यानी अगर आप सिर्फ आठवीं तक ही पढ़ पाए हैं और आगे नौकरी करना चाहते हैं तो इसके लिए आप अपनी समझ और इंटरेस्ट के बेस पर ऐसे सब्जेक्ट में डिप्लोमा कर सकते हैं जिससे आपको जॉब मिल सके जैसे कि वायरमैन, कारपेंटर, पैटर्न मेकर, प्लास्टिक प्रिंटिंग ऑपरेटर जैसे सब्जेक्ट्स।

इसी तरह 10 th लेवल की एजुकेशन के बाद कमर्शियल आर्ट, डीजल मैकेनिक, मैकेनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, टूल एंड डाई मेकर जैसे कितने ही सब्जेक्ट्स में से खुद के लिए परफेक्ट ऑप्शन चूस किया जा सकता है।

और अगर आप 12th के बाद डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट और स्टेनोग्राफी जैसे बहुत से ऑप्शंस मिलते हैं।

इसके अलावा भी अलग-अलग एजुकेशनल लेवल के अनुसार डिप्लोमा कोर्स के सब्जेक्ट्स आपको मिल सकते हैं जैसे एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स, बेकर एंड कन्फेक्शनर, डेस्कटॉप पब्लिशिंग ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैट्रोलोजी एंड इंजीनियरिंग इंस्पेक्शन, मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर और भी बहुत कुछ ।

अब आप ये तो जान गए हैं कि डिप्लोमा, डिग्री के कंपेरिजन में शार्ट पीरियड ऑफ टाइम में कम्पलीट हो जाता है और इसमें किसी प्रोफेशनल सब्जेक्ट की ऐसी नॉलेज दी जाती है जिससे डिप्लोमा पाते ही आप फील्ड में काम कर सके। लेकिन अभी ये जानना बाकी है कि बीते कुछ सालों में डिप्लोमा के प्रति जो क्रेज बढ़ा है, उसका रीज़न क्या है यानी डिप्लोमा में ऐसी क्या खास क्वालिटीज़ हैं जो हर स्टूडेंट को अपनी तरफ attract कर रही है इसलिए अब जानते हैं स्पेशल फीचर्स ऑफ डिप्लोमा –

डिप्लोमा होल्डर्स को जॉब मिलने के चान्सेस बहुत बढ़ जाते हैं

डिग्री कोर्स में जहाँ थ्योरेटिकल नॉलेज दी जाती है वहीं डिप्लोमा पूरी तरह प्रैक्टिकल होता है यानी डिप्लोमा के दौरान आप में उन स्किल्स को डेवलप कराया जाता है, जिनकी आपको जॉब के दौरान जरुरत होगी। इसका फायदा आपको जॉब इंटरव्यू में मिलता है और जॉब के लिए सेलेक्ट होने के आपके चान्सेस बहुत बढ़ जाते हैं।

आप शुरुआत में भी अच्छा कमा सकते हैं –

अगर आपने अपने इंटरेस्ट के सब्जेक्ट में डिप्लोमा कर लिया है और आप फ्रेशर हैं तो जॉब के दौरान आपकी स्किल्स शुरु में भी आपको अच्छी सैलरी दिला सकती है।

डिप्लोमा की ड्यूरेशन कम होती है –

डिप्लोमा करने के लिए आपको बहुत साल लगाने की जरुरत नहीं पड़ती बल्कि 1 से 2 साल में डिप्लोमा कम्पलीट हो जाता है। हालाँकि इंजीनियरिंग से जुड़े सब्जेक्ट्स में डिप्लोमा करने में 3 साल का समय लग जाता है लेकिन बहुत से डिप्लोमा कोर्सेज तो 1 साल से भी कम टाइम में यानी 6 months में ही पूरे हो जाते हैं। ये पूरी तरह से आपके सब्जेक्ट पर डिपेंड करता है और कुछ हद तक उस कॉलेज या यूनिवर्सिटी पर, जिससे आप डिप्लोमा कोर्स कर रहे हैं।

डिप्लोमा खर्चा कम और प्रॉफिट ज्यादा देता है –

डिप्लोमा कोर्सेज करने में जितना खर्चा आता है, उससे कहीं ज्यादा आप अपनी जॉब से earn कर लेते हैं इसलिए डिप्लोमा कोर्सेज बहुत बेनेफिशियल नजर आते हैं।

डिप्लोमा कोर्स बहुत फ्लेक्सिबल होते हैं –

डिप्लोमा करने के लिए आपको पूरे साल का वेट करने की जरुरत नहीं होती क्योंकि डिप्लोमा कोर्स के लिए अक्सर साल में कई बार अप्लाई किया जा सकता है और खास बात ये है कि बहुत से कॉलेज डिप्लोमा ऑनलाइन करने की सुविधा भी देते हैं। इसके अलावा आप पार्ट टाइम में भी डिप्लोमा कर सकते हैं।

इस तरह डिप्लोमा कोर्स के बेनिफिट्स जानने के बाद, आप समझ गए होंगे कि कम टाइम में ज्यादा स्किल्स डेवलप करना, जॉब के लिए तैयार करना और फ्लेक्सिबल लर्निंग कंडीशंस देना डिप्लोमा की कुछ स्पेशल क्वालिटीज़ हैं।

लेकिन अगर आप डिग्री कोर्स से कम्पेयर करके डिप्लोमा को सिर्फ इसलिए चुनना चाहेंगे कि इसमें टाइम कम लगता है तो ऐसा बिल्कुल ना करें क्योंकि आपको डिग्री कोर्स करना चाहिए या डिप्लोमा, ये पूरी तरह से इस बात पर डिपेंडेड हैं कि आपकी क्वालिफिकेशन क्या है, सिचुएशन क्या है, पर्पस क्या है और लाइफ गोल्स क्या है इसलिए सोच समझकर अपने लिए जो बेस्ट है वही चुनें।

दोस्तों, अब डिप्लोमा से जुड़ी सारी जानकारी आपके पास है और क्विक सपोर्ट को उम्मीद है कि हमारी ये कोशिश आपको पसंद आयी होगी और डिप्लोमा कोर्स से जुड़ी इस जानकारी को समझना भी आपके लिए आसान साबित होगा। आगे भी ऐसी ही इनोवेटिव और इंटरेस्टिंग जानकारियां लेने के लिए हमारे quick support के ऑफिसियल वेबसाइट को विजिट करे ताकि हर नयी और इनोवेटिव जानकारी सबसे पहले आप तक पहुचें। धन्यवाद !!!!

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